1.
कुछ ख्वाहिशों की तमन्ना जरूर है दिल में,
लेकिन तेरी खुशी से ऊपर कुछ भी नहीं।
2.
तुम संग कुछ यूँ उलझे, खुद को ही भूल गए।
3.
तेरी यादों को कुछ इस तरह सँजो के रखा है,
अपना शहर भी बेगाना हो गया,
दोस्तों की महफ़िल भी तन्हा हो गई।
4.
सोचता हूँ तुमसे शिकायतें करूँ,
फिर तुम्हें हंसते देख सब भूल जाता हूँ
5.
लफ्ज से अक्स तक बस अब
तुम्हारे प्यार के कैदी हैं।
6.
गुस्से में अक्सर वो हमारे गले लग जाती है,
और भी ज़माने भर के शिकवे यूँ ही भूल जाती है।
7.
किसी रोज़ मंदिर में दिया ना जले तो मान लेना,
तुम्हें आज हमने याद नहीं किया
8.
वक्त देखा तो एक पहर बीत गया था,
लेकिन तुम्हारी याद अभी ताज़ा थी।
सोचा कुछ करें और बाहर चलें,
निकले ही थे, तुम वहाँ भी मिल गई।
9.
तुमने तो कह दिया कि मुझे भूल जाओ,
घर दोस्त जो भुला दिए तुम्हारे लिए वो?
10.
किसी रोज़ आऊंगा तो एक तोहफा लाऊंगा,
आज भी दिल में छुपा के रखा है तुम्हारी हंसी को।
11.
तुम्हें सोचता हूँ हर रोज़,
लेकिन अब और नहीं…
12.
अरसो पुरानी एक आरज़ू,
गुफ्तगू हो और जुस्तजू भी।
13.
अब तुम्हारे होने की ऐसी आदत हो गई है, तुम नहीं होती तो अधूरी सी हो जाती है जिंदगी।
14.
तुम याद करोगी तो बहुत कुछ बोलूंगा,
खैर छोड़ो कल की बातें,
अब तुम्हें बस ये इतला कर दूं,
अब फिर से तुमसे उम्मीद करने लगे हैं…
15.
दिल ने जब-जब इस दुनिया को टटोला,
कुछ उलझे रिश्ते और कुछ रूठे हुए प्यार ही पाए…